
वसीम खान मऊ रिपोर्टर
मुहम्मदाबाद, मऊ। शाहजहांपुर में पैगम्बर मुहम्मद ﷺ की शान में की गई गुस्ताख़ी को लेकर मुहम्मदाबाद के पूर्व पत्रकार, खतीब व जामा मस्जिद नगरी पार के इमाम हाफ़िज़ व कारी मोहम्मद आमिर खान ने कड़ी नाराज़गी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एक सच्चा मुसलमान सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन अपने नबी की तौहीन हरगिज़ बर्दाश्त नहीं कर सकता।
इमाम आमिर खान ने कहा कि मुस्लिम समाज अमन और भाईचारे का पैरोकार है, लेकिन आए दिन कुछ लोग पैगम्बर की शान में गुस्ताख़ी करके करोड़ों मुसलमानों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को ऐसे लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज करके जेल भेजना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि संसद में ऐसा कानून पास किया जाए जिसमें किसी भी धर्म के पैगम्बर, देवी-देवताओं या आस्था के प्रतीकों का अपमान करने वालों को कम से कम 5 से 10 साल की सख़्त सज़ा का प्रावधान हो।
इमाम ने अफसोस जताया कि भारत जैसे गंगा-जमुनी तहज़ीब वाले मुल्क में बार-बार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, “हम दूसरे मज़हबों के देवी-देवताओं का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन बदले में हमारे पैगम्बर की शान में गुस्ताख़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
जामा मस्जिद नगरी पार में नमाज़ियों और स्थानीय लोगों ने भी इमाम के बयान का समर्थन करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।




