
वसीम खान मऊ रिपोर्टर
मोहम्मद आरिफ एडवोकेट के साहेबज़ादे हाफिज़ इब्राहीम ने रचा अद्भुत कीर्तिमान
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)।
धार्मिक शिक्षा और समर्पण की मिसाल पेश करते हुए मोहम्मद आरिफ एडवोकेट (पूर्व उपाध्यक्ष, सिविल कोर्ट मऊ) के साहेबज़ादे हाफिज़ इब्राहीम ने केवल 13 घंटे में कुरआन पाक के 30 पारे की तिलावत मुकम्मल कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
यह अनोखा आयोजन मदरसा इस्लामिया इमदादिया, महरूपुर मुहम्मदाबाद गोहना में सम्पन्न हुआ। जैसे ही हाफिज़ इब्राहीम ने तिलावत पूरी की, मदरसे का वातावरण “माशाअल्लाह” और “सुब्हानअल्लाह” की गूंज से भर उठा। उपस्थित लोगों ने मिठाइयाँ बांटीं, गले लगाकर मुबारकबाद दी और दुआएँ दीं।
मौके पर क्षेत्र के उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ता, मदरसे के शिक्षक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने हाफिज़ इब्राहीम की लगन, मेहनत और अल्लाह से गहरा लगाव देखकर प्रसन्नता जताई।
मोहम्मद आरिफ एडवोकेट ने इस अवसर पर कहा—
यह मेरे जीवन का सबसे गर्व का क्षण है। अल्लाह तआला ने मेरे बेटे को कुरआन की हिफाज़त करने की तौफीक दी, इससे बड़ी नेमत कोई नहीं हो सकती। मैं अल्लाह का शुक्रगुज़ार हूं।
मुस्लिम समाज में हाफिज़-ए-कुरआन बनना अत्यंत सम्माननीय और सवाब वाला कार्य माना जाता है। हाफिज़ इब्राहीम ने अपनी लगन, अनुशासन और विश्वास से यह साबित कर दिया कि सच्ची नीयत और मेहनत से हर असंभव कार्य संभव है।




