
वसीम खान मऊ रिपोर्टर
- आवागमन में लोगों को झेलनी पड़ रही दुश्वारियां
मधुबन, मऊ। स्थानीय तहसील क्षेत्र के मधुबन-दुबारी मार्ग स्थित गंगऊपुर से होकर तालरतोय पुरवे में जाने वाला लगभग डेढ़ किलोमीटर खड़ंजा मार्ग इन दिनों राहगीरों को बदहाली की दास्तां बयां कर रहा है। विकासखंड फतहपुर मंडाव के रमऊपुर तालरतोय ग्राम पंचायत के तालरतोय पुरवे को मधुबन-दुबारी सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए डेढ़ दशक पूर्व क्षेत्र पंचायत स्तर से करीब डेढ़ किमी. खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया गया था। रख-रखाव व मरम्मत न होने से जगह-जगह खड़ंजा मार्ग टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया है। खड़ंजा मार्ग से होकर रोजाना लोगों की आवाजाही लगी रहती है। बदहाल खड़ंजा मार्ग के चलते लोगों को आवागमन में काफी जलालत का सामना करना पड़ता है। सुगम आवागमन को लेकर लोगों ने कई बार खड़ंजा मार्ग का नए सिरे से निर्माण कराने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके लोगों को अभी तक राहत नहीं मिली है। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।
विकास खण्ड फतहपुर मंडाव के रमऊपुर तालरतोय ग्राम पंचायत के तालरतोय पुरवे की बड़ी आबादी को मधुबन के मुख्य पिच मार्ग से जोड़ने के लिए डेढ़ दशक पूर्व क्षेत्र पंचायत ने खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया था। काफी लम्बे अंतराल के बाद भी खड़ंजा मार्ग के रख-रखाव की किसी ने सुधि नहीं लिया। इसके चलते जगह-जगह खड़ंजा मार्ग धंसने के साथ क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसका खामियाजा लोगों को आवागमन के दौरान झेलनी पड़ रही है। खस्ताहाल खड़ंजे को नए सिरे से बनवाने की ग्रामीणों ने कई बार आवाज उठाई थी। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से लोगों को आवागमन में राहत मिलती नहीं दिख रही है। इसको लेकर लोगों में अब रोष पनपने लगा है। लोगों का कहना है कि सरकार ने छोटे-छोटे पुरवों के सम्पर्क मार्गों को पिच के जरिए सुविधा प्रदान कर रही है। लेकिन तालरतोय पुरवा के लोगों को मात्र आने-जाने के लिए अभी खड़ंजा ही सहारा है। वह भी जर्जर खड़ंजा लोगों के आवागमन में दुश्वारियां उत्पन्न कर रहा है। बदहाल खड़ंजा मार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर क्षेत्र के कन्हैया सिंह, यशवन्त सिंह, सुरेन्द्र यादव, श्रीराम साहनी, इंद्रासन यादव, रामअधार साहनी, रामनरायण यादव, केशव यादव, केदार यादव, रामबदन यादव, राजकिशोर यादव, रामप्रसाद यादव, तारकेश्वर चौहान, बबलू साहनी, बिहारी साहनी, हरिनरायण यादव, श्यामनरायण यादव, चन्दन सिंह, विशाल सिंह आदि ने उच्चाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया है।




