
वसीम खान मऊ रिपोर्टर
मऊ। मधुबन तहसील के ग्राम पंचायत दुबारी के रमईपुर पूर्वा गांव में बिजली विभाग की कर प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां विद्युत आपूर्ति पोल की बजाय बांस के सहारे की जा रही है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर बांस के सहारे खींचे गए तारों से बिजली का उपयोग करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी मनीष मोर के अनुसार, अक्सर बिजली के तार नीचे गिर जाते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की जान पर खतरा बना रहता है। कई बार विभाग से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली आपूर्ति के लिए 300 से 400 मीटर तक तारों को बांस के सहारे खींचना पड़ता है। रोपण मौर्य, अमित, अनिल और सुनील समेत कई लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही गांव में बिजली पोल नहीं लगाए गए तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि तारों की ऊंचाई कम होने के कारण रोजमर्रा की गतिविधियों में दिक्कतें आती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस असुरक्षित व्यवस्था के चलते किसी की जान-माल का नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने जिला अधिकारी और संबंधित उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि गांव में सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और बिजली पोल लगाकर स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।




