
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
लखनऊ में प्रतिबंधित कोडीन कफ़ सिरप की अवैध सप्लाई और तस्करी से जुड़े मामले में स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने अमित सिंह उर्फ़ अमित सिंह टाटा को हिरासत में लेकर महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। STF के अनुसार, यह मामला एक बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिसकी कड़ियाँ पूर्वांचल के कई जिलों तक फैली हो सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में कुछ अहम जानकारियाँ मिली हैं, जिन्हें आगे की जांच में शामिल किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, अमित सिंह टाटा के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात सामने आई है। कुछ मौकों पर उसका नाम पूर्वांचल के दो विवादित और प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ उठने-बैठने के संदर्भ में भी सामने आया, जिसे STF वर्तमान जांच के हिस्से के रूप में देख रही है। हालांकि, अभी इन संबंधों की पुष्टि होना बाकी है, और जांच एजेंसियाँ इसे तथ्यों के आधार पर परख रही हैं।
STF का कहना है कि यह नेटवर्क पूर्वांचल से लेकर जौनपुर वाराणसी और चंदौली तक सक्रिय हो सकता है, और यह पता लगाया जा रहा है कि किन स्थानीय नेतृत्व या व्यावसायिक समूहों से इसकी कड़ियाँ जुड़ती हैं। जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि सप्लाई चेन किस तरह संचालित होती थी और किन लोगों या संस्थाओं का इसमें वित्तीय या लॉजिस्टिक योगदान था।
मामले से जुड़े एक अन्य नाम शुभम जायसवाल का भी सामने आया है, जिसे इस कथित सिंडिकेट का हिस्सा बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गतिविधियों को समझने के लिए पूछताछ और तकनीकी जांच जारी है।
वाराणसी की कोतवाली थाने में इस मामले से संबद्ध पूर्व में दर्ज मुकदमों को भी STF ने जांच में शामिल किया है। इसके अलावा, अमित सिंह टाटा के पिता अशोक सिंह और संबंधित फर्म पर भी FIR दर्ज है, जिसकी कड़ियाँ वर्तमान कार्रवाई से जुड़ सकती हैं। STF का दावा है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं, क्योंकि पूछताछ से नए तथ्य सामने आ रहे हैं।




