
वसीम खान मऊ रिपोर्टर
मऊ: उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन-मऊ की ओर से आज जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस दौरान यूनियन की जिला मंत्री उषा यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “योगी सरकार में आशा कर्मियों और अन्य स्कीम वर्करों का भारी शोषण हो रहा है। उनसे जबरन कई प्रकार के काम कराए जा रहे हैं, लेकिन उनके बदले उचित भुगतान नहीं किया जा रहा।”
उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं से 50 से अधिक कार्य कराए जाते हैं, लेकिन अधिकांश कार्यों के लिए कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाती। जिन कार्यों के लिए कुछ राशि निर्धारित है, वह भी कई साल पुरानी दरों पर आधारित है, जिसमें अब तक कोई संशोधन नहीं किया गया है। इसके अलावा भविष्यनिधि, ग्रेच्युटी, सामाजिक सुरक्षा, साप्ताहिक या वार्षिक अवकाश, यहां तक कि मातृत्व अवकाश भी नहीं मिलता है।
उषा यादव ने कहा कि “हमारी कई साथी आशा कार्यकर्ता काम के अत्यधिक दबाव और दुर्घटनाओं के कारण असमय मृत्यु का शिकार हो चुकी हैं, लेकिन उन्हें आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला। सरकार की यह संवेदनहीनता निंदनीय है।”
प्रदर्शन के समर्थन में भाकपा माले के जिला सचिव बसंत कुमार, एक्टू के जिला संयोजक शिवमूरत गुप्ता, इनौस के साधू यादव और जेपी यादव ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए आशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष को समर्थन दिया।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से मंशा, अनिता, सविता, सोनवर्षा, बबीता, सुशीला, सीमा, चंद्रशिला सहित दर्जनों आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




