
संवाददाता रामकुमार सिंह
इमिलिया चट्टी, (मीरजापुर )जी हां आज हम बात कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के चुनार क्षेत्र के ग्राम खुटहां में मौर्य बस्ती की “मौर्य मूर्ति कला केंद्र” के संचालक ‘मूर्तिकार ‘ अविनाश मौर्य के द्वारा भारत के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह 25 फिट , का दो अशोक स्तंभ बनाने का काम चल रहा है। जो उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिला के महानगर में और दूसरा अशोक स्तंभ निघासन में लगेगा यह अशोक स्तंभ चुनार के बलुआ पत्थर का उपयोग कर कुशल कारीगरों द्वारा शानदार चमक और पॉलिश में निखार कर बना रहें हैं, कला को उत्कृष्ट दर्शाती है। अविनाश मौर्या खुद पत्थर कि मुर्तियां बनाकर रोजगार में जुटे हुए हैं पढ़ाई करने के बाद, बीच में कोरोना काल कि वजह से काम नहीं मिल पा रहा था तो मोटरसाइकिल का पंचर बनाने का दुकान खोल कर अपनी जीवकोपार्जन करने लगें फिर भी अविनाश मौर्य ने हार नहीं मानी फिर से अशोक स्तंभ बनाने का काम शुरू किया, आर्डर मिला गांव के ही तमाम गरीब बेरोजगार महिलाएं और पुरुष को रोजगार देने में प्रयासरत हैं अविनाश कुमार मौर्या , अविनाश मौर्य बचपन से ही कला में रुचि रखने का शौक था मूर्तिकला से बी .एफ.ए.और मास्टर ऑफ फाइन आर्ट की डिग्री प्राप्त कर गोल्ड मेडल से नमाजे भी जा चुके हैं। और उत्तर प्रदेश सरकार में 2020-21 में राज्य अवार्ड विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार प्राप्त कर अपनी कला का प्रदर्शन भारतवर्ष में कर रहे हैं। और उनकी कला का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है

और यह कलाकृतियां भारत के तमाम जगहों पर लगाई जा चुकी है। जैसे -: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिला में बसंतपुर ग्राम में 25 फीट ऊंचा अशोक स्तंभ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राज्यपाल भवन के गेट नंबर 1 के सामने लोक निर्माण विभाग के ऑफिस में ‘लोक निर्माण विभाग का “लोगो “17 फीट ऊंचा तथा आजमगढ़ में भगवान बुद्ध की प्रतिमा ,गोरखपुर में राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ ,प्रतापगढ़ में राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ, सोनभद्र जिले में रावर्सटगजं में भगवान बुद्ध की प्रतिमा व राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ , व दुद्धी में विश्व सरिया जी की प्रतिमा, मध्य प्रदेश के कालिदास अकादमी में चुनार सेंट स्टोन में म्यूजिक के बाद यंत्र की प्रतिमा तथा ग्वालियर के म्यूजियम में लकड़ी की कलाकृति का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत में तमाम जगहों पर कलाकार द्वारा कलाकृतियां लगाई जा चुकी हैं अब यह कलाकार अपने गांव में बेरोजगारों को रोजगार देने का काम कर रहे हैं। मूर्ति कला केंद्र में काम रहें कलाकार में राम जियावन सिंह पटेल, रामदुलार सिंह पटेल, भुनेश्वरी प्रताप सिंह, दिनेश कुमार, पिंटू, राजेश सिंह पटेल, तथा महिलाओं में शुशीला देवी, सुनीता देवी,शिताबी देवी, निर्मला और प्रेमा देवी द्वारा मुर्तियो पर पाँलिश करने व चमकाने का काम कर रही है एक तरह से गांव में रोजगार के अवसर मिलें हैं जिससे हम लोग खुश हैं।




