
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
चंदौली जनपद की शान कही जाने वाली चंद्रप्रभा नदी और उससे जुड़े अनेक बांध जलप्रपात, जिनकी खूबसूरती देखने के बाद हर किसी को सुकून का अनुभव होता है, आज विनाश के तांडव का कारण बन गए हैं। वर्ष भर यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होता। हरे-भरे जंगलों के बीच बहती हुई यह नदी और इसके किनारे बसे पर्यटक स्थल हर किसी को आकर्षित करते हैं। लेकिन इस समय लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने पूरे जनपद को संकट में डाल दिया है।
चंद्रप्रभा नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने के कारण अब यह नदी रौद्र रूप धारण कर चुकी है। केवल यही नहीं, इसके साथ ही जनपद की अन्य छोटी-बड़ी नदियां भी उफान पर हैं। नियामताबाद, सदर ब्लॉक, चकिया ब्लॉक सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं और कई कच्चे मकानों को नुकसान पहुँचा है।

ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का कार्य प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, लेकिन हालात नियंत्रण में नहीं हैं। कई जगह सड़कों का संपर्क टूट गया है जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी परेशानी हो रही है। जिन स्थानों पर लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते थे, आज वही स्थान खतरे की जद में आ गए हैं।
चंद्रप्रभा डैम और इसके निकटवर्ती क्षेत्र भी जलभराव से प्रभावित हो गए हैं। बारिश का जलभराव इतना अधिक है कि नदी किनारे बसे गांवों को खाली कराना पड़ा है। प्रशासन द्वारा राहत शिविर बनाए गए हैं जहां लोगों को भोजन और आश्रय दिया जा रहा है।

टिकुरिया नौगढ़
नौगढ़ के रहने वाले मोलाना यादव ने बताया कि अगर समय रहते जरूरी कदम न उठाए गए, तो ऐसी प्राकृतिक आपदाएं भविष्य में और अधिक तबाही ला सकती हैं। अब समय आ गया है कि हम प्रकृति से छेड़छाड़ बंद कर, उसके संरक्षण की दिशा में ठोस पहल करें।




