
संवाददाता विनोद कुमार यादव
नौगढ़ (चंदौली)। जनपद चंदौली के नौगढ़ तहसील में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब गोंड जाति का प्रमाणपत्र बनवाने की मांग को लेकर एक समुदाय के सैकड़ों लोग तहसील परिसर में पहुँच गए। भीड़ ने पहुँचते ही न केवल नारेबाजी शुरू कर दी, बल्कि तहसीलदार कार्यालय में घुसकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगी। अचानक भड़के इस बवाल से पूरा तहसील परिसर अफरा-तफरी के माहौल में बदल गया।

लेखपालों से झड़प,
भीड़ के उग्र रुख को देखते हुए तहसील के लेखपाल बीच-बचाव के लिए आगे आए, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनसे भी धक्का-मुक्की शुरू कर दी। बात हाथापाई तक पहुँच गई और इसमें कुछ लेखपाल घायल भी हो गए। गुस्साई भीड़ ने तहसीलदार कार्यालय का दरवाजा पीट-पीटकर तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान तहसीलदार को गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग कर नारेबाजी करते हुए माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया।
पुलिस को सूचना, लेकिन देर से पहुँची
हालात बिगड़ते देख तहसील प्रशासन ने तत्काल थानाध्यक्ष नौगढ़ सुरेंद्र कुमार यादव को सूचना दी। हालांकि पुलिस दल को पहुँचने में कुछ समय लग गया और इस बीच प्रदर्शनकारी बेकाबू होते चले गए। प्रशासनिक अमला हालात काबू में करने की कोशिश करता रहा लेकिन भीड़ किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं थी।

एसडीएम विकास मित्तल ने किया प्रयास, फिर भीड़ रही अडिग
घटना की सूचना पर उप जिलाधिकारी नौगढ़ विकास मित्तल मौके पर पहुँचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की भरपूर कोशिश की लेकिन गुस्साई भीड़ उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुई। नारेबाजी और हंगामा लगातार बढ़ता ही जा रहा था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चकिया एसडीएम पहुँचे, संभाली कमान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चन्द्रमोहन गर्ग के निर्देश पर उप जिलाधिकारी चकिया भी मौके पर पहुँचे और प्रशासनिक कमान अपने हाथों में ली। उन्होंने रणनीति बदलते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को तहसील सभागार में बैठाया और शांति से वार्ता शुरू की। करीब घंटेभर की सुनवाई के बाद उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि गोंड जाति का प्रमाणपत्र उन्हीं को मिलेगा जिनके पास 1359 फसली अभिलेख अथवा पूर्व में बने जाति प्रमाणपत्र मौजूद होंगे।
आश्वासन के बाद शांत हुआ माहौल
अधिकारियों की कड़ी समझाइश और ठोस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा धीरे-धीरे शांत हुआ। भीड़ तहसील परिसर से वापस लौटी, तब जाकर प्रशासन ने राहत की साँस ली। इस पूरे घटनाक्रम के चलते तहसील नौगढ़ में घंटों तक कामकाज ठप रहा और कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल बना रहा।




