
वसीम खान मऊ रिपोर्टर
अस्पतालों पर गिरी गाज
मुहम्मदाबाद गोहना
कल का दिन जिले में स्वास्थ्य विभाग के नाम रहा। लखनऊ से आई विशेष टीम ने स्थानीय अधिकारियों संग मिलकर जिलेभर में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की। करहा, मुहम्मदाबाद गोहना, नगर, रतनपुरा, कोपागंज करहाँ, रानीपुर,सहित कई इलाकों में सुबह से देर रात तक चला यह अभियान स्वास्थ्य विभाग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में गिना जा रहा है।
26 अस्पताल सील, खुली फर्जीवाड़े की पोल
जांच के दौरान कुल 35 अस्पतालों पर छापेमारी की गई। इनमें से 26 अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान सामने आया कि अधिकांश अस्पताल बिना पंजीकरण, बिना मानक सुविधाओं, बिना योग्य डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के संचालित हो रहे थे। कई अस्पतालों में मरीजों को रखने की पर्याप्त व्यवस्था तक मौजूद नहीं थी।
बीते कल मौत के लिए जिम्मेदार अस्पतालों पर भी कार्रवाई
हाल ही में हुई मौतों के मामलों में दोषी पाए गए दो अस्पतालों को भी टीम ने बंद करवा दिया। अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अस्पताल संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। इस कदम के बाद निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
जनता ने स्वागत किया, उठी चिंता भी
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना था कि लंबे समय से फर्जी अस्पतालों का जाल फैला हुआ था, जो आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे थे। अब उम्मीद है कि विभाग की यह सख्ती स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएगी। वहीं कुछ मरीजों ने यह चिंता भी जताई कि अचानक अस्पताल बंद होने से उन्हें इलाज में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
देर रात तक चला अभियान
स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने सुबह से शुरू हुई कार्रवाई को देर रात तक जारी रखा। अधिकारियों ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और मानकों का पालन किए बिना किसी भी अस्पताल को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों का सख्त संदेश
अभियान का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कहा—
“मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल संचालकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं से समझौता करना अब असंभव है।




