
5 हेक्टेयर जंगल हुआ मुक्त – अवैध बस्तियां नेस्तनाबूद
संवाददाता विनोद यादव
नौगढ़ (चंदौली)। जयमोहनी रेंज में अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं और उनके गुर्गों पर सोमवार को वन विभाग और पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लौवारी सेक्शन के सेहुआ बीट के अमदहां कम्पार्टमेंट नंबर-2 में फैले कब्जों को जड़ से उखाड़ते हुए पूरे 5 हेक्टेयर वन भूमि को मुक्त करा लिया गया। अभियान की शुरुआत होते ही वन विभाग ने बिना किसी देरी के जेसीबी गरजाकर अवैध झोपड़ियों, मवेशी अड़ारों और जोती गई भूमि को पलभर में मिट्टी में मिला दिया। विरोध करने की हिमाकत कुछ अतिक्रमणकारियों ने की, लेकिन पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टुकड़ी के सामने उनकी एक न चली।

इस ऑपरेशन का नेतृत्व वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने किया, जबकि चौकी प्रभारी हंसराज मिश्र, उपनिरीक्षक राकेश सिंह समेत भारी पुलिस-वन बल पूरे इलाके को चारों ओर से घेराबंदी कर सुरक्षा में डटे रहे, पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ—अतिक्रमणकारियों का मूल निवास चकिया क्षेत्र निकला। जांच में स्पष्ट हुआ कि कुछ भू-माफिया लोगों को लालच देकर फर्जी कागजात थमा रहे थे और जंगल की जमीन पर बसाने का गंदा खेल खेल रहे थे। कार्रवाई के दौरान वन दरोगा वीरेंद्र पांडेय, सोमेश प्रथम, सोमेश द्वितीय, शोभित श्रीवास्तव, महेन्द्र, वनरक्षक भोला, चंद्रशेखर सिंह, मुलायम सिंह, निर्भय सिंह, प्रेम सिंह, धर्मवीर सहित पूरा स्टाफ मोर्चे पर डटा रहा।
वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने कड़े और साफ शब्दों में चेतावनी दी—
“वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। स्वेच्छा से कब्जा न हटाने पर गिरफ्तारी, अभियोग और गैंगस्टर तक की कार्रवाई से भी संकोच नहीं किया जाएगा।” इस बड़ी कार्रवाई के बाद भू-माफियाओं में दहशत है और वन विभाग ने संकेत दिया है कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार और भी कठोर तरीके से चलाए जाएंगे।




