
संवाददाता विनोद यादव
नौगढ़ (चंदौली)। ग्राम्या संस्थान की ओर से विकास खण्ड नौगढ़ में महिलाओं व बालिकाओं के विरुद्ध बढ़ती जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ 16 दिवसीय जागरूकता अभियान की शुरुआत साइकिल रैली के साथ की गई। अभियान का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ हो रही शारीरिक, मानसिक एवं डिजिटल हिंसा के प्रति समाज को जागरूक करना तथा उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए सामूहिक प्रयास को मजबूत करना है।

रैली की शुरुआत तेंदुआ गांव स्थित अंबेडकर पार्क से हुई, जो विभिन्न गांवों से होते हुए नौगढ़ थाना परिसर पर समाप्त हुई। उपजिलाधिकारी नौगढ़ विकास मित्तल, खण्ड विकास अधिकारी अमित कुमार, थाना प्रभारी नौगढ़ सुरेन्द्र कुमार यादव व चकरघट्टा संतोष कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार, सीडब्ल्यूसी सदस्य धर्मेंद्र कुमार, महिला कल्याण विभाग की रंजना देवी, महिला आरक्षी ममता यादव समेत ग्राम प्रधान यशवंत सिंह यादव, जय प्रकाश उर्फ शेरु यादव और ग्राम्या संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में लगभग 240 बालक-बालिकाओं और संस्था कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने “महिलाओं के खिलाफ हिंसा बंद करो”, “डिजिटल हिंसा नहीं सहेंगे”, “1930 पर फोन करो” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली का समापन नौगढ़ थाना परिसर स्थित सभागार में गोष्ठी के साथ हुआ। यहां पपेट शो, बालिकाओं द्वारा संविधान गीत और महिला हिंसा पर आधारित थीम सॉन्ग प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए समाज को सजग रहना होगा और किसी भी घटना की तत्काल सूचना पुलिस व संबंधित विभागों को देनी होगी। ग्राम्या संस्थान की निदेशक बिंदु सिंह ने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। साइबर अपराध और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे निपटने के लिए जागरूकता और सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन 1930 का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन नीतू सिंह व सुरेंद्र यादव ने किया। इस अवसर पर साधना, नीलम, सुनीता सहित विभिन्न गांवों के प्रतिभागियों की सक्रिय उपस्थिति रही।
ग्राम्या संस्थान द्वारा आने वाले दिनों में स्कूलों व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ मजबूत जनआंदोलन खड़ा किया जा सके।




