spot_img

Chandauli news,जंगल पर माफिया नहीं, आदिवासियों का अधिकार

spot_img

संवाददाता विनोद यादव

नौगढ़ में वन विभाग की तानाशाही के खिलाफ हजारों का सैलाब

“गरीबों की जमीन पर बुलडोज़र चला तो मिलेगा करारा जवाब”

डीएफओ से सीधे सवाल, वन-भू माफियाओं को संरक्षण बंद करो: अनिल पासवान

नौगढ़ (चंदौली)।
वन विभाग की मनमानी, बड़े वन-भू माफियाओं को संरक्षण और आदिवासी–दलित–गरीब बनवासियों की बेदखली के खिलाफ नौगढ़ की धरती शुक्रवार को जनआक्रोश से कांप उठी। भाकपा(माले) के नेतृत्व में सैकड़ों आदिवासी, दलित और परंपरागत वन निवासी हाथों में लाठियां और आंखों में आक्रोश लेकर सड़कों पर उतरे। स्थानीय दुर्गा मंदिर पोखरे से जयमोहनी वन रेंज कार्यालय तक निकाले गए ऐतिहासिक लाठी मार्च में “डीएफओ जवाब दो”, “जल–जंगल–जमीन हमारा है”, “बुलडोज़र राज नहीं चलेगा”, “वन माफिया होश में आओ” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में मांग की कि वनाधिकार कानून के तहत दावा दाखिल कर चुके सभी आदिवासी व परंपरागत वन निवासियों को तत्काल उनकी जमीन का मालिकाना हक दिया जाए। पीढ़ियों से बसे और खेती कर रहे लोगों को उनकी जमीन और मकान से बेदखल करने की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए तथा वन विभाग द्वारा राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए जा रहे फर्जी मुकदमों पर पूर्ण विराम लगाया जाए।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) राज्य स्थायी समिति सदस्य एवं चंदौली जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान ने तीखे शब्दों में कहा कि नौगढ़ तहसील में प्रशासन, वन और पुलिस के बड़े अधिकारी तैनात हैं, इसके बावजूद आदिवासियों के संवैधानिक और पुश्तैनी अधिकारों को कुचला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंगल की बहुमूल्य जमीनों पर बड़े वन-भू माफिया लगातार कब्जा बढ़ा रहे हैं और वन विभाग उनकी ढाल बना हुआ है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “जो लोग पीढ़ियों से जंगल में बसे हैं, खेती कर रहे हैं, वही इस जमीन के असली मालिक हैं। उन्हें उजाड़ने की किसी भी साजिश को भाकपा(माले) सड़क से सदन तक बेनकाब करेगी। अगर गरीबों की जमीनों पर बुलडोज़र चला तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”
कामरेड पासवान ने यह भी कहा कि जब कोई राजनीतिक कार्यकर्ता या जनप्रतिनिधि वन माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे वन विभाग और पुलिस के गठजोड़ से फर्जी मुकदमों में फंसा कर जेल भेजने की साजिश रची जाती है। यह लोकतंत्र नहीं, खुली दमनकारी नीति है, जिसे अब और नहीं सहा जाएगा।
सभा को विजई राम, मुन्नी गोंड, सुरेश कोल, पतालु गोंड, रामेश्वर प्रसाद, दिनेश कोल सहित कई वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज अपने अधिकारों के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड पांचू राम ने की, जबकि संचालन कामरेड रामकृत कोल ने किया। नौगढ़ में उठा यह आंदोलन सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जल–जंगल–जमीन की निर्णायक लड़ाई का एलान है। संदेश साफ है— आदिवासियों को उजाड़ने वाली हर साजिश का जवाब आंदोलन से दिया जाएगा।

spot_img

Share post:

चर्चित ख़बरें

ख़बरें यह भी
Related

Chandauli news UGC के समर्थन में नौगढ़ बार का बुलंद ऐलान, अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

संवाददाता विनोद यादव नौगढ़ चन्दौली।नौगढ़ तहसील मुख्यालय पर उस समय...

Chandauli news बच्चों का निवाला गटक रहे ग्राम प्रधान, एसडीएम के निरीक्षण में खुली पोल

संवाददाता विनोद यादव नौगढ़ (चन्दौली)।तहसील नौगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय...

Chandauli news नौगढ़ में अधिवक्ताओं की ताकत का भव्य प्रदर्शन

बार एसोसिएशन शपथ समारोह में गूंजी न्याय और संविधान...

नौगढ़ में ग्राम पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिवों के लिए भव्य एक...

You cannot copy content of this page