
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने भाजपा के भीतर चल रही आंतरिक असहजता को सार्वजनिक मंच पर ला खड़ा किया है। वायरल हो रहे इस वीडियो में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं चंदौली से पूर्व सांसद रहे वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. महेंद्र नाथ पांडे के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की की घटना दिखाई दे रही है। आरोप है कि यह व्यवहार योगी सरकार के मंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने ही स्वतंत्र देव सिंह से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
डॉ. महेंद्र नाथ पांडे भाजपा के उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे एक वरिष्ठ ब्राह्मण चेहरा भी माने जाते हैं और पूर्वांचल की राजनीति में उनकी गहरी पकड़ रही है। ऐसे में सार्वजनिक कार्यक्रम या राजनीतिक मंच पर उनके साथ इस तरह का व्यवहार न केवल व्यक्तिगत अपमान के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि पूरे जनपद चंदौली और ब्राह्मण समाज के सम्मान से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा “ब्राह्मणों के सहभोज” को लेकर दिए गए बयान और चेतावनी की भी चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि संगठन के भीतर सामाजिक संतुलन और जातीय समीकरणों को लेकर जो संदेश दिया गया था, उसका असर अब पार्टी के अंदरूनी माहौल में दिखने लगा है। इसी पृष्ठभूमि में यह घटना कई नए सवाल खड़े कर रही है।
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जनपद चंदौली सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे असम्मानजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और आंतरिक मतभेदों का परिणाम मान रहे हैं।

हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक न तो डॉ. महेंद्र नाथ पांडे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है और न ही मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इस पर कोई स्पष्टीकरण दिया है। बावजूद इसके, यह घटना फिलहाल चर्चा का विषय बनी हुई है और भाजपा के भीतर अनुशासन, सम्मान और सामाजिक संतुलन जैसे मुद्दों पर नए सिरे से बहस को जन्म दे रही है।




