
संवाददाता विनोद यादव
नौगढ़ (चन्दौली)।
तहसील नौगढ़ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमरिया में शिक्षा और पोषण व्यवस्था की भयावह सच्चाई सामने आई है। बच्चों का निवाला गटकने के आरोपों के बीच एसडीएम के औचक निरीक्षण ने पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी।

ग्रामीणों की शिकायत पर जब उप जिलाधिकारी नौगढ़ विकास मित्तल विद्यालय पहुंचे, तो पाया गया कि स्कूल में 6 शिक्षक नियुक्त होने के बावजूद केवल एक सहायक अध्यापक अखिलेश सिंह ही उपस्थित थे।
शिक्षा मित्र संतोष, शिवानन्द, चन्द्रशेखर तथा सहायक अध्यापक संतोष यादव और चन्दन कुमार सिंह बिना सूचना के अनुपस्थित मिले, जिससे पढ़ाई पूरी तरह ठप पाई गई।
विद्यालय में 58 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन शिक्षकों की लापरवाही और अव्यवस्था के चलते सिर्फ 13 बच्चे ही उपस्थित मिले। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि मध्याह्न भोजन (MDM) योजना पिछले 15 दिनों से बंद है। आरोप है कि इस अवधि में बच्चों के हिस्से का भोजन नहीं बनवाया गया, जिससे बच्चों का निवाला गटकने जैसे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एसडीएम ने मौके पर ही सभी अनुपस्थित शिक्षकों को अनुपस्थित दर्ज कराया और पूरे मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर कड़ी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही एमडीएम बंद रहने के मामले को भी गंभीरता से संज्ञान में लिया गया। यह मामला सिर्फ एक विद्यालय तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि दोषियों पर कार्रवाई होती है या फिर बच्चों का हक यूं ही कागज़ों में सिमटकर रह जाएगा।




