
संवाददाता विनोद यादव
नौगढ़ चन्दौली।
नौगढ़ तहसील मुख्यालय पर उस समय जागरूकता, एकजुटता और शैक्षणिक सरोकारों का प्रभावशाली दृश्य देखने को मिला, जब बार एसोसिएशन नौगढ़ तहसील के अध्यक्ष एडवोकेट रामचंद्र यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के समर्थन में संगठित होकर उप जिलाधिकारी नौगढ़ विकास मित्तल को माननीय राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि UGC देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला है, जो विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। ज्ञापन के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि UGC के अधिकारों, स्वायत्तता और संवैधानिक भूमिका से किसी भी प्रकार का समझौता न केवल शिक्षा जगत बल्कि देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट रामचंद्र यादव ने कहा,
“UGC केवल एक संस्था नहीं, बल्कि करोड़ों विद्यार्थियों के सपनों और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का मजबूत स्तंभ है। इसके पक्ष में अधिवक्ताओं का एकजुट होना शिक्षा, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
कार्यक्रम में अधिवक्ताओं की प्रभावशाली उपस्थिति ने आंदोलन को और मजबूती प्रदान की। ज्ञापन सौंपने के दौरान विजय बहादुर सिंह यादव, रणविजय, विमलेश यादव, रजनीश, विमला, विनोद यादव, बबुन्दर , शक्तिमान, कैलाश मौर्य, सुरेन्द्र कुमार, हेमन्त सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने UGC के समर्थन में अपने विचार व्यक्त करते हुए सरकार से सकारात्मक, दूरदर्शी और जनहितकारी निर्णय लेने की मांग की।
उप जिलाधिकारी विकास मित्तल ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि इसे नियमानुसार राज्यपाल तक प्रेषित किया जाएगा।
इस अवसर पर नौगढ़ बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के अधिकार, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अधिवक्ता समाज सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहेगा और जनहित के हर संघर्ष में अपनी सशक्त भूमिका निभाता रहेगा।




