
संवाददाता विनोद यादव
नौगढ़ (चंदौली):
तहसील क्षेत्र नौगढ़ में रसोई गैस आपूर्ति को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना गैस बुक किए ही उनके मोबाइल पर ‘सिलेंडर बुक’ और ‘डिलिवरी सफल’ के संदेश भेजे जा रहे हैं, जबकि उन्हें वास्तविक रूप से कोई सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ।
इस पूरे प्रकरण में बरहुआ भारत गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी, चकिया का मामला भी संज्ञान में आया है, जिससे शिकायतों को और बल मिला है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी स्तर पर ही फर्जी डिलिवरी दिखाए जाने की आशंका है।

स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब कई उपभोक्ताओं के खातों में सब्सिडी की राशि भी पहुंचने की बात सामने आती है, जबकि उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिला। इससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि कागजों में फर्जी डिलिवरी दर्शाकर बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। मामला संभावित वित्तीय अनियमितता और उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
ग्रामीण इलाकों में गैस संकट गहराता जा रहा है। अधिकांश घरों में चूल्हे ठंडे पड़े हैं और लोग लकड़ी व अन्य पारंपरिक ईंधनों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन सख्त, जांच के आदेश के संकेत
उप जिलाधिकारी विकास मित्तल ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस प्रकार की शिकायतें संज्ञान में आई हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जाएगी। यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निरस्तीकरण भी शामिल है।
वहीं, क्षेत्र से शिकायते लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की सूचना जिलाधिकारी को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजी जा चुकी है।
उपभोक्ताओं में रोष, निष्पक्ष जांच की मांग
लगातार सामने आ रहे मामलों से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि गैस आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।




