
ब्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चंदौली आगमन के दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगानी पड़ी। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि अधिकारी उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते और आमजन की समस्याओं की अनदेखी करते हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं और उनकी बातों को नजरअंदाज करना सीधे तौर पर शासन की उपेक्षा है।

बैठक में बिजली कटौती को लेकर भी काफी नाराजगी व्यक्त की गई। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनियमित बिजली आपूर्ति और लंबे समय तक हो रही कटौती से जनता त्रस्त है। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो गई है, जिससे आमजन को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है और यदि अधिकारी इसमें कोताही बरतेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फील्ड में जाकर स्थिति की समीक्षा करें और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ही विकास कार्यों को गति दे रही है, अतः उनकी बातों को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंपर्क को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया गया।




