
संवाददाता विनोद यादव
नौगढ़ चन्दौली।
नौगढ़ रेंज में वन सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उस समय उजागर हो गई, जब आरक्षित वन भूमि पर अवैध खेती का सनसनीखेज मामला सामने आया। गेहूं और सरसों की फसल बोने के आरोप में वन विभाग ने सुरक्षा प्रहरी के रूप में तैनात चार वाचरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग को मिली शिकायत के बाद कराई गई जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिन वाचरों पर जंगल की रक्षा की जिम्मेदारी थी, वही आरक्षित वन भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे थे। इसे वन कानूनों का खुला उल्लंघन और घोर अनुशासनहीनता मानते हुए विभाग ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की।
वन विभाग ने अवैध कब्जे वाली भूमि को वर्ष 2026-27 की विभागीय प्लांटेशन योजना में शामिल करते हुए चिन्हित कर लिया है। आगामी दो दिनों के भीतर वहां बोना-नाली निर्माण, गड्ढा खुदाई और सुरक्षा खाई का कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे भूमि को पुनः वन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सके।
मामले में संबंधित वाचरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो विभागीय नियमों के तहत उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाएगा।
वन विभाग ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि आरक्षित वन भूमि पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।




