
संवाददाता विनोद यादव
नौगढ़ में वन विभाग का कड़ा एक्शन, 25 मकानों की नींव पाटी आगे भी चलेगी जेसीबी, बीडीओ को जारी चेतावनी पत्र
नौगढ़ (चन्दौली) काशी वन्यजीव प्रभाग, रामनगर (वाराणसी) के अंतर्गत नौगढ़ क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास योजना के नाम पर जंगल में किए जा रहे अवैध कब्जों के खिलाफ वन विभाग ने सख़्त कार्रवाई करते हुए बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। वन भूमि पर पक्के निर्माण की कोशिश के तहत खोदी गई करीब 25 मकानों की नींव को मौके पर ही पाटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। वन विभाग ने साफ किया है कि यदि दोबारा निर्माण की कोशिश हुई तो जेसीबी से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

मझगाई और जयमोहनी रेंज में अवैध खुदाई की सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कराई। उन्होंने इसे जंगल कब्जे की सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना गरीबों को छत देने के लिए है, वन भूमि पर कब्जा करने का माध्यम नहीं।

वन क्षेत्राधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अमित कुमार को कड़ा चेतावनी पत्र जारी करते हुए स्पष्ट किया कि आवास स्वीकृति के समय लाभार्थियों द्वारा धूमधरी अथवा अन्य गैर-वन भूमि दर्शाई गई, जबकि बाद में चालाकी से वन क्षेत्र में निर्माण की कोशिश की गई, जो पूरी तरह अवैध है। उन्होंने निर्देश दिए कि वन विभाग की मौजूदगी में संयुक्त सर्वे के बाद ही मुख्यमंत्री आवास योजना की किसी भी किश्त का आवंटन सुनिश्चित किया जाए।
रेंजर के निर्देश पर मझगांई और जयमोहनी रेंज के दानोगढ़ा, बसौली, पड़हवा, गंगापुर, तेंदुआ, अतरवा और नरकटी गांवों में वन विभाग की टीम ने कई स्थानों पर खोदी गई नींव को तत्काल पाट दिया। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि वन भूमि में दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया गया तो जेसीबी से ढहाने में कोई हिचक नहीं होगी। साथ ही, किसी भी व्यक्ति द्वारा वन क्षेत्र में ईंट, बालू, गिट्टी या अन्य निर्माण सामग्री डाले जाने पर उसे मौके पर ही जब्त कर संबंधितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मीडिया से बातचीत में वन क्षेत्राधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार भूमिहीनों को ग्राम सभा की भूमि उपलब्ध करा रही है और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक सहायता भी दे रही है, लेकिन इसके नाम पर जंगल कब्जे की मंशा को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि वन भूमि पर अवैध निर्माण कानून का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन संरक्षण के खिलाफ गंभीर अपराध है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा—
“नौगढ़ के जंगलों में न नियम टूटेगा, न समझौता होगा।”




