
संवाददाता विनोद यादव
नौगढ़ चन्दौली । तहसील क्षेत्र के चुप्पेपुर पंचायत के चमेरबॉध बंधी में रहस्यमय तरीके से लापता हुए सुनील कोल 22 वर्ष का 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। बंधी के किनारों पर सिर्फ बेचैनी है, और सुनील के घर में मातम, चीख-पुकार और टूटा हुआ भरोसा। जाल में मिली चप्पल और जैकेट, पर सुनील का नहीं मिला अता-पता घटना वाले दिन सुनील मछली मारने के लिए बंधी पर गया था। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ी। अगली सुबह जब मछुआरों ने जाल निकाला तो उसमें सुनील की चप्पल और जैकेट फंसी मिली, लेकिन सुनील का कोई पता नहीं चला। गोताखोरों की रेस्क्यू टीम लगातार पानी में तलाशी कर रही है, पर अभी तक हाथ खाली है।

प्रशासन भी मुस्तैदी दिखा रहा है, फिर भी रहस्य गहराता जा रहा है।
भीम आर्मी और ASP के पदाधिकारी मौके पर पहुँचे और परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा जताया
सूचना पाकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के चन्दौली के जिला अध्यक्ष रामचन्द्र राम और अवधेश कुमार भारती मौके पर पहुँचे। दोनों नेताओं ने परिजनों का हाथ थामकर सांत्वना दी और भरोसा दिलाया कि, जब तक सुनील को न्याय नहीं मिलेगा, भीम आर्मी पीछे नहीं हटेगी।
सुनील की मां चन्द्रावती ने बेटे की हत्या की आशंका जताई है। परिजनों की मानें तो सुनील अचानक यूँ गायब नहीं हो सकता। उनकी आंखों में डर, गुस्सा और टूटे भरोसे की तस्वीर साफ दिखाई देती है।

भीम आर्मी का चेतावनी भरा बयान —
“जांच नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे, आंदोलन के लिए होंगे मजबूर”
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर शासन-प्रशासन ने त्वरित और निष्पक्ष जांच नहीं की तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे,
और न्याय मिलने तक धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे।
पीड़ित परिवार की हालत दयनीय
घर में सुनील की पत्नी रीना का रो-रोकर बुरा हाल है। दो वर्षीय मासूम बेटा सत्यम लगातार पिता को पुकार रहा है। मां चन्द्रावती को संभालने वाला कोई नहीं , गांव के लोग भी सदमे में हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मौके पर अशोक कनौजिया, बनवारी, सुरेन्द्र कुमार, राजेश कुमार, बनवारी लाल सहित कई लोग मौजूद रहे।
अब पूरा क्षेत्र इंतजार कर रहा है कि
सुनील की तलाश कब खत्म होगी, और न्याय कब मिलेगा।




