
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
चंदौली जनपद के मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा निकाली गई एकता पदयात्रा बुधवार को नगर में चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही। पूर्व सांसद व कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे, व वर्तमान विधायक रमेश जायसवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता डीजे की धुनों पर “जिंदाबाद” के नारे लगाते हुए पदयात्रा में शामिल थे, वहीं दूसरी ओर नगर का व्यापारी समाज शोक में डूबा हुआ था। कुछ ही दूरी पर मंगलवार की रात एक व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, और पीड़ित परिवार न्याय की गुहार में रोता-बिलखता रहा।

व्यापारियों का कहना है कि हत्या की इस गंभीर घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। नगर के लोगों में सवाल उठ रहा है कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते रहते हैं, तो स्थानीय स्तर पर पुलिस की धीमी कार्रवाई क्यों दिखाई देती है। इससे व्यापारियों व आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ती नजर आ रही है।

सबसे बड़ी चर्चा इस बात की रही कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडे नगर में होने वाली एकता पदयात्रा में तो शामिल हुए, लेकिन कुछ ही दूरी पर मौजूद पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचे। चूँकि मुगलसराय (380) विधानसभा को बीजेपी की “सेफ सीट” माना जाता है और यहां का व्यापारी वर्ग परंपरागत रूप से भाजपा समर्थक रहा है, ऐसे में इस व्यवहार को व्यापारियों ने निराशाजनक बताया है। उनका कहना है कि ऐसे कठिन समय में जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था।

इस घटना और पदयात्रा के समानांतर आयोजन ने नगर में दो अलग-अलग माहौल पैदा कर दिया—एक तरफ शोक और आक्रोश, दूसरी तरफ राजनीतिक उत्सव। यही विरोधाभास आज पूरे नगर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। व्यापारी वर्ग उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी हो और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार की पीड़ा साझा करने आगे आएँ।
इस कार्यक्रम के बाद भाजपाइयों ने 2 मिनट का मौन होकर शोक मनाया विधायक रमेश जायसवाल ने चंदौली पुलिस अधीक्षक को फोन लगाकर कार्रवाई करने की बात कही




