
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
नियामताबाद,ओल्ड गढ़ई नदी पर पीडब्ल्यूडी द्वारा किए गए कब्जे को लेकर चंदौली जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए पांच अधिकारियों की एक जांच टीम गठित की है। इस टीम को दस दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार गोधना से लेवा मोड़ तक सड़क चौड़ीकरण के कार्य के तहत पीडब्ल्यूडी विभाग ने नियामताबाद ब्लॉक की ग्राम सभा पांडेयपुर, बुधवार के पास लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी ओल्ड गढ़ई नदी को मिट्टी से पाटकर सड़क निर्माण करा दिया। नदी को पाटे जाने के कारण जलनिकासी बाधित हुई, जिसका खामियाजा आसपास के किसानों को भुगतना पड़ा। पूर्व में आई बाढ़ के दौरान सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई और किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग को ओल्ड गढ़ई नदी पर कार्य करने से पहले कई बार चेतावनी दी गई थी। विभाग ने स्पष्ट रूप से पत्र के माध्यम से आगाह किया था कि जब तक नदी की जलनिकासी और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान न किया जाए, तब तक नदी को पाटना उचित नहीं है। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी विभाग ने सिंचाई विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए बिना किसी समन्वय के नदी को पाट दिया।

इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह सहित आधा दर्जन किसान शिकायत लेकर चंदौली कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने जिलाधिकारी को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया है। किसानों की बात गंभीरता से सुनते हुए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि टीम दस दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे किसानों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
पीडब्ल्यूडी विभाग का कहना है कि जितना ओल्ड गाड़ी नदी को पाटे है हम उतना जमीन लेकर ओल्ड गढ़ई नदी को बनाएंगे




