
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
बबुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत पांडेयपुर मार्केट में रविवार को अवैध कब्जा हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को मौके से वापस खदेड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि धरी के सामने स्थित नाले और पीडब्ल्यूडी की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है, लेकिन प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय केवल चुनिंदा लोगों को ही निशाना बना रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन वास्तव में अवैध कब्जा हटाना चाहता है तो सभी लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आरोप है कि किसी के इशारे पर एकपक्षीय कार्रवाई की जा रही है, जिससे गांव में असंतोष का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों के कब्जों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि आम और गरीब लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले पर किए गए अवैध कब्जों के कारण गांव में आए दिन जलजमाव की समस्या बनी रहती है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। नाले का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों तक पहुंच जाता है, जिससे आवागमन बाधित होता है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जलजमाव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सरकार लगातार यह निर्देश देती है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न किया जाए, तो फिर नाले जैसी सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर कब्जा कैसे होने दिया गया। उन्होंने मांग की कि नाले और पीडब्ल्यूडी की जमीन से सभी अवैध कब्जे हटाकर जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
इस मामले में उपजिलाधिकारी अनुपम मिश्रा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान जहां भी समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां की जमीन को नियमानुसार खाली कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है।




