
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
चंदौली,मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के महेवा में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य सात वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 2018 में चंदौली जनपद के तत्कालीन सांसद एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने इस ट्रामा सेंटर के उच्चीकरण का शिलान्यास किया था। उस समय जनपद में खुशी की लहर थी और लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को बेहतर और त्वरित इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा।

इस ट्रामा सेंटर का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (NH-2) पर होने वाली दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। अक्सर दुर्घटना के बाद मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों की ओर भागना पड़ता है, जिससे समय की बर्बादी के साथ कई बार मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है।यदि यह ट्रामा सेंटर समय पर बनकर चालू हो जाता, तो अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
परियोजना के तहत 10 बेड का आईसीयू, 10 बेड का जनरल वार्ड, दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, एक माइनर ओटी तथा प्रत्येक बेड पर मेडिकल गैस पाइपलाइन जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित की गई थीं। इसे सैयदराजा मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत संचालित किया जाना था, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और बेहतर हो सके। निर्माण कार्य में लगातार देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

पूर्व में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने निर्माणाधीन ट्रामा सेंटर का निरीक्षण भी किया था। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर उन्होंने संबंधित निर्माण कंपनी को फटकार लगाई और अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री के दौरे के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब ट्रामा सेंटर जल्द ही शुरू हो जाएगा, लेकिन वर्ष 2026 आ जाने के बाद भी यह अस्पताल पूरी तरह संचालित नहीं हो सका है।
महेवा स्थित यह ट्रामा सेंटर उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा के निकट है। यदि इसे चालू कर दिया जाए तो चंदौली के साथ-साथ बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को भी बड़ी राहत मिल सकती है। इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में भटकने की मजबूरी खत्म होगी और आपात स्थिति में समय पर उपचार मिल सकेगा।
सात साल बाद भी अधूरा पड़ा यह ट्रामा सेंटर अब स्थानीय जनता के लिए सिर्फ एक अधूरी उम्मीद बनकर रह गया है। लोग सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द इसे चालू कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके।




