
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
चंदौली जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चंद्रप्रभा नदी सहित कई अन्य नदियों ने रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिससे क्षेत्र के किसानों की हालत बदतर हो गई है। बाढ़ के कारण हजारों एकड़ में लगी फसलें जलमग्न होकर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। इसी समस्या को लेकर शनिवार को चंदौली जिले के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से लखनऊ में मिला और अपनी व्यथा सुनाई।

किसानों ने मंत्री से मुलाकात के दौरान बताया कि नदियों की साफ-सफाई और तटबंधों की मरम्मत की अनदेखी पिछले दो दशकों से नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सन 2002 में जब उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार थी, तब ओमप्रकाश सिंह सिंचाई मंत्री थे। उसी समय नदियों की अंतिम बार सफाई और तटबंध की मरम्मत कराई गई थी। उसके बाद से अब तक, लगभग 24 वर्षों में इस दिशा में कोई प्रभावी कार्य नहीं हुआ है।

किसानों का कहना है कि हर साल हल्की बारिश होते ही नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और पुराने, जर्जर हो चुके तटबंध टूट जाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि आस-पास की खेती योग्य भूमि बाढ़ की चपेट में आ जाती है और किसानों की मेहनत से उगाई गई फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो जाती हैं। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि किसान कर्ज में भी डूब जाते हैं। कई बार तो पूरे साल की कमाई मिट्टी में मिल जाती है।
प्रतिनिधिमंडल ने सिंचाई मंत्री से निवेदन किया कि चंद्रप्रभा नदी समेत अन्य प्रमुख नदियों की जल्द से जल्द सफाई कराई जाए और तटबंधों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए। किसानों ने यह भी मांग रखी कि सरकार बाढ़ से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दे और फसलों की भरपाई के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करे।

सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किसानों की बात को गंभीरता से सुना और तुरंत चंदौली जिलाधिकारी और चीफ सेक्रेटरी से बात किया और जल्द ही इस परियोजना बनाने की बात कही इसके साथ ही किसानों को उचित मुआवजा के लिए भी चंदौली जिला अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को निर्देश दिया, प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करेगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जल्द ही सर्वे कराकर आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।

प्रतिनिधि मंडल में शामिल पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह सतीश सिंह अजय सिंह सतीश सिंह सरवन सिंह, जनार्दन सिंह, अरुण सिंह, ,धीरज,सोनू व संजीव गुड्डू मौजूद रहे।




