
संवाददाता विनोद कुमार यादव
आधे दर्जन पंचायतों में नहीं पहुँचे फरियादी
नौगढ़ (चंदौली)।
जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग के दिशा-निर्देश पर नौगढ़ विकास खंड की आठ पंचायतों में पंचायतवार जन चौपाल कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं की सीधी पहुँच देना और उनकी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। चौपालों का आयोजन बाघी, बोदलपुर, शमशेरपुर, ठठवां, धनकुवारीकलां, बरबसपुर, मझगांवां और देवरीकला पंचायतों में किया गया। कार्यक्रम हर बुधवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक रोस्टर के अनुसार आयोजित किया जाएगा। हालांकि पहले दिन की हकीकत थोड़ी निराशाजनक रही। आठ पंचायतों में से सिर्फ दो पंचायतों से कुल तीन प्रार्थना पत्र ही प्राप्त हुए, जबकि बाकी छह पंचायतों में एक भी शिकायत सामने नहीं आई। कारण स्पष्ट था — जन जागरूकता का अभाव।

ग्रामीणों की मिली-जुली प्रतिक्रिया, उठे सवाल
जहाँ कुछ ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने चौपाल में बैठे अधिकारियों की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े कर दिए। एक ग्रामीण ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “मनरेगा की मजदूरी न देने वाला, हैण्डपंप और शौचालय न बनवाने वाला, और जंगल की जमीन कब्जा कराने वाला ही जब न्याय देने के लिए सामने बैठा हो, तो भला समस्या का समाधान कैसे होगा?”
इस तरह की टिप्पणियाँ बताती हैं कि कुछ जगहों पर चौपाल की विश्वसनीयता और निष्पक्षता को लेकर जनता में संदेह बना हुआ है।
अधिकारियों ने किया समाधान, पर भरोसे की ज़मीन कमजोर
कार्यक्रम के दौरान पंचायत सचिव, लेखपाल, कानूनगो और ग्राम प्रधान उपस्थित रहे। प्राप्त शिकायतों में से कुछ मामलों का मौके पर ही समाधान भी किया गया। उप जिलाधिकारी विकास मित्तल ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा है कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से मिले।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चौपाल में मिले हर प्रकरण को गंभीरता से लें और इस कार्यक्रम को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखें।
जरूरत है गहरी पहुँच और जनविश्वास की
ग्रामीणों की प्रतिक्रियाएं स्पष्ट इशारा कर रही हैं कि केवल चौपाल लगाना पर्याप्त नहीं है — प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जो अधिकारी इन चौपालों में बैठते हैं, उनकी छवि जनता की नजरों में निष्पक्ष और भरोसेमंद हो। इसके साथ ही जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की भी आवश्यकता है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आ सकें।




