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2014 से अब तक दोगुनी बड़ी महंगाई लेकिन सत्ता पक्ष को कोई फर्क नहीं, यूपी में विपक्ष पर भरोसा नहीं, जनता ढूंढ रही विकल्प?

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व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा

उत्तर प्रदेश में बढ़ती महंगाई आज आम जनता के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन चुकी है। सब्ज़ियों के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं, रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें घरेलू बजट को बिगाड़ रही हैं, पेट्रोल-डीज़ल के असर से हर ज़रूरी वस्तु महंगी हो चुकी है। इसके बावजूद सत्ता पक्ष द्वारा विकास, सुशासन और आर्थिक मजबूती के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। ज़मीनी हकीकत और राजनीतिक बयानों के बीच का यह अंतर जनता को भ्रमित भी करता है और निराश भी।
ऐसे में सवाल उठता है कि विपक्ष अपनी भूमिका सही ढंग से निभा पा रहा है या नहीं। विपक्ष का मुख्य कार्य सत्ता पक्ष की नीतियों पर सवाल उठाना, जनता की समस्याओं को आवाज़ देना और एक वैकल्पिक दृष्टि प्रस्तुत करना होता है। लेकिन वर्तमान परिदृश्य में विपक्ष या तो बिखरा हुआ दिखाई देता है या फिर उसकी बातों पर जनता का भरोसा कमज़ोर पड़ता जा रहा है। कई बार विपक्ष के विरोध को केवल राजनीतिक बयानबाज़ी मानकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, क्योंकि जनता को यह भरोसा नहीं हो पाता कि सत्ता में आने पर विपक्ष वास्तव में कुछ अलग और बेहतर करेगा।
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष भी महंगाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अक्सर मौन साधे हुए नज़र आता है या फिर वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देकर अपनी ज़िम्मेदारी से बचने की कोशिश करता है। यह चुप्पी जनता के असंतोष को और गहरा करती है। लोकतंत्र में संवाद और जवाबदेही बेहद ज़रूरी होती है, लेकिन जब सवालों के जवाब नहीं मिलते तो लोगों का विश्वास राजनीतिक व्यवस्था से डगमगाने लगता है।

वर्तमान राजनीतिक माहौल में उत्तर प्रदेश की जनता के सामने विकल्पों की कमी साफ़ दिखाई देती है। एक ओर सत्ता पक्ष है, जो दावों और प्रचार के सहारे आगे बढ़ रहा है, और दूसरी ओर विपक्ष है, जो प्रभावी विकल्प बनने में असफल प्रतीत होता है। नतीजतन, जनता के सामने “कम बुरे” को चुनने की मजबूरी रह जाती है, न कि किसी सकारात्मक और आशाजनक विकल्प को।

2014 में, भारत में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत सब्सिडी के साथ लगभग ₹414 थी (जनवरी 2014 के अनुसार), हालांकि उस समय बाजार मूल्य और सब्सिडी के कारण वास्तविक कीमत में भिन्नता थी, और पेट्रोलियम मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2014 में घरेलू एलपीजी पर अंडर-रिकवरी लगभग ₹655.96 प्रति सिलेंडर थी, जिसे सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में पूरा किया जाता था।

प्रमुख शहरों में घरेलू LPG गैस सिलेंडर (14.2 Kg) के दाम (फरवरी 2026):
दिल्ली: ₹853.00
मुंबई: ₹852.50
कोलकाता: ₹879.00
चेन्नई: ₹868.50
लखनऊ (यूपी): ₹890.50
नोएडा (यूपी): ₹850.50
वाराणसी (यूपी): ₹916.50

यदि लोकतंत्र को मज़बूत बनाना है तो ज़रूरी है कि सत्ता पक्ष जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुने और ठोस समाधान दे, वहीं विपक्ष को भी विश्वसनीय, ज़मीनी और जनहितकारी राजनीति करनी होगी। तभी उत्तर प्रदेश की जनता को वास्तविक विकल्प मिल सकेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनका विश्वास बना रहेगा।

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