
संवाददाता
विनोद कुमार यादव
खंड शिक्षा अधिकारी पर मिलीभगत के आरोप
नौगढ़ (चंदौली)।
नौगढ़ तहसील में बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही ने मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। सोमवार को प्राथमिक विद्यालय लौवारी खुर्द में अध्यापक और शिक्षामित्र की अनुपस्थिति के चलते कक्षा तीन की छात्रा निधि पुत्री मोहन कोल हादसे का शिकार हो गई। सुबह विद्यालय पहुँची निधि को स्कूल बंद मिला। अध्यापक और शिक्षामित्र दोनों नदारद थे। गेट पर ताला लटका होने से छात्राएं बाहर खेलने लगीं। खेलते-खेलते निधि सड़क पर चली गई और तेज रफ्तार बोलेरो की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से प्राथमिक उपचार कर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पीड़ित पिता मोहन कोल ने कहा, “अगर स्कूल खुला होता तो बेटी सड़क पर क्यों जाती। अध्यापक जिम्मेदारी निभाते तो यह हादसा नहीं होता।”
खंड शिक्षा अधिकारी पर सवाल
ग्रामीणो ने बताया कि अध्यापकों की अनुपस्थिति की सूचना खंड शिक्षा अधिकारी को फोन के माध्यम से दी गई थी, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायतें बार-बार की जाती हैं, पर विभाग हर बार लीपापोती कर देता है।
ग्रामीणों का आरोप – विभाग की मिलीभगत
ग्रामीणों का कहना है कि जिलाधिकारी के तहसील दिवस में भी कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी की मिलीभगत के चलते हर बार मामला दबा दिया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो मासूम की जिंदगी दांव पर न लगती।
ग्राम प्रधान प्रधान यशवंत सिंह यादव ने कहा, “यह हादसा विभाग की घोर लापरवाही और मिलीभगत का परिणाम है। अब अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे।” लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सोमवार को अनुपस्थिति की जानकारी मिलने के बावजूद खंड शिक्षा अधिकारी चुप क्यों रहे? क्या विभाग की खामोशी ने ही इस हादसे को जन्म नहीं दिया?




