
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
चंदौली,नियामताबाद ब्लॉक के पांडेयपुर बुधवार के पास पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण कार्य में बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग ने सड़क निर्माण के दौरान ओल्ड गढ़ई नदी को 1,5 किलोमीटर मिट्टी डालकर पाट दिया, जिससे 24 घंटे की बारिश में नदी का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों में घुस गया। इस वजह से किसानों की सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है और ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।
घटना की जानकारी मिलते ही सोन क्षेत्र के मुख्य अभियंता सिद्धार्थ सिंह निरीक्षण करने मौके पर पहुंचे। किसानों ने मौके पर ही उन्हें घेर लिया और अपनी बर्बाद फसलों को लेकर मुआवजे की मांग की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी पर आरोप लगाते हुए बताया कि विभाग ने बिना समुचित जलनिकासी की व्यवस्था किए नदी को मिट्टी से पाट दिया, जो भारी वर्षा के दौरान पानी के बहाव में रुकावट बना और इस तबाही का कारण बना।

मुख्य अभियंता ने खुद जब नदी पर डाली गई मिट्टी और जलजमाव की स्थिति देखी तो वे भी भड़क गए। उन्होंने तत्काल पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि जब तक ओल्ड गढ़ई नदी को चौड़ा कर जल निकासी की व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक सड़क चौड़ीकरण का काम बंद किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि उनके विभाग ने इस संबंध में तीन बार पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा था, लेकिन विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया।

मौके पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह समेत दर्जनों गांवों के किसान पहुंचे और प्रशासन से मांग की कि दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक नदी की मरम्मत और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वे किसी भी प्रकार का पांडेयपुर बुधवार के पास निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।





