
संवाददाता विनोद कुमार यादव
नौगढ़ चन्दौली — तहसील नौगढ़ में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बरबसपुर गांव में सत्यापन के लिए गए लेखपाल पर कुछ मनबढ़ युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकाने के इस मामले में चकरघट्टा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मामला भले ही आम दिखे, लेकिन एसडीएम विकास मित्तल के फैसले ने इसे पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया — उन्होंने आरोपियों को “जमानत पर रिहा तो किया, लेकिन शर्त के साथ”। अब इन आरोपियों को छह महीने तक प्रतिदिन तहसील में हाजिरी लगानी होगी!

बारिश में गिरे मकानों का सत्यापन कर रहे थे लेखपाल, तभी हुआ हमला
बरबसपुर गांव के हल्का लेखपाल वैभव सिंह बारिश में गिरे कच्चे घरों और IGRS पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के लिए पहुंचे थे। सत्यापन के दौरान कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतरकर आए और लेखपाल से बहस शुरू कर दी। विवाद बढ़ा तो उन लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लेखपाल को दौड़ा लिया और जान से मारने की धमकी दी। घबराए लेखपाल ने गांव के ही एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल से किसी तरह अपनी जान बचाई।
पुलिस की तत्परता, दो आरोपी भेजे गए जेल
लेखपाल की तहरीर पर इलियास, अवधनारायण और बनारसी गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी नामेंद्र कुमार रावत ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा, धमकी और जानलेवा हमले की धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
एसडीएम का “सीख देने वाला फैसला” — रोज तहसील में हाजिरी
मामले की सुनवाई के दौरान एसडीएम विकास मित्तल ने अभियुक्तों को जमानत देते हुए अनोखी शर्त लगाई
छह महीने तक रोजाना तहसील में आकर हाजिरी लगानी होगी। इस फैसले की चर्चा पूरे क्षेत्र में है। लोग इसे “सख्त लेकिन सुधारात्मक कदम” बता रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस तरह की सजा से यह संदेश गया है कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्व कर्मियों में आक्रोश, प्रशासन ने दी चेतावनी
घटना के बाद तहसील और राजस्व विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी और भय का माहौल है।
एसडीएम ने स्पष्ट कहा — सरकारी कार्य में बाधा डालने या कर्मचारियों को धमकाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




