
व्यूरो रिपोर्ट रविशंकर मिश्रा
चदौली आए दिन होने वाली असलहे से मौत की घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। प्रशासन और संबंधित विभागीय एजेंसियां इन मामलों पर सख्त कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रही हैं, जिसके कारण असलहा माफिया और दबंग तत्व बेखौफ होकर खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

चंदौली में कई ऐसे लोग देखे जा रहे हैं जो न तो किसी सरकारी पद पर हैं और न ही किसी संवैधानिक दायित्व के अधिकारी, फिर भी वे अपने वाहनों पर विधानसभा पास लगाकर घूम रहे हैं। इससे न सिर्फ सरकारी पहचान का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि आम जनता में भय का माहौल भी पैदा हो रहा है। इन तथाकथित “भौकाली नेताओं” द्वारा सोशल मीडिया पर अवैध असलहों के साथ वीडियो और फोटो पोस्ट करना आम बात हो गई है। उनकी यह हरकतें युवाओं में गलत संदेश फैलाती हैं और अपराधियों को बढ़ावा देती हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि ऐसे लोग अक्सर VIP कार्यक्रमों, सरकारी बैठकों और भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में भी प्रवेश कर जाते हैं। बिना अनुमति और बिना सुरक्षा जाँच के असलहा लेकर ऐसे स्थानों पर पहुँचना किसी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकता है। यदि समय रहते इन पर लगाम नहीं लगाई गई, तो किसी भी दिन एक गंभीर घटना सामने आ सकती है, जिसका खामियाज़ा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ेगा।
जिले की पुलिस, प्रशासन और खुफिया इकाइयों को इस बढ़ते खतरे पर तत्काल प्रभाव से ध्यान देने की आवश्यकता है। अवैध हथियार रखने वालों और विधानसभा पास का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई किया जाना अत्यंत जरूरी है। साथ ही, सोशल मीडिया पर असलहों का प्रदर्शन करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने चाहिए।
जनपद के नागरिकों ने भी प्रशासन से कार्रवाई तेज करने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। यदि व्यवस्था जल्द नहीं सुधरी तो चंदौली में असलहों से होने वाली मौतों का यह सिलसिला और बढ़ सकता है।




